स्वस्थ मिट्टी, समृद्ध फसल: सफल खेती की बुनियाद (भाग-2)

मृदा स्वास्थ्य: स्वस्थ मिट्टी, समृद्ध फसल

मिट्टी का pH क्यों महत्वपूर्ण है?

मिट्टी का pH पौधों के लिए पोषक तत्वों की उपलब्धता को प्रभावित करता है। अधिक अम्लीय या अधिक क्षारीय मिट्टी में कई पोषक तत्व पौधों को उचित मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पाते। इसलिए खेत की मिट्टी का Soil Testing कराना बहुत महत्वपूर्ण है।

सामान्य रूप से:

मिट्टी की स्थिति pH
अत्यधिक अम्लीय (Strong Acidic) < 5.0
अम्लीय (Acidic) 5.0-6.5
सामान्य (Normal) 6.5-7.5
क्षारीय (Alkaline) 7.5-8.5

फसल के अनुसार उपयुक्त pH अलग हो सकता है, इसलिए फसल और स्थानीय मिट्टी के अनुसार मृदा परीक्षण की सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए।

मृदा परीक्षण क्यों जरूरी है?

बिना मिट्टी की जांच के लगातार उर्वरक डालना हमेशा उचित नहीं होता। Soil Test से पता चल सकता है:

  • pH
  • EC
  • Organic Carbon
  • उपलब्ध N
  • उपलब्ध P
  • उपलब्ध K
  • Sulphur
  • Zinc
  • Boron
  • अन्य आवश्यक पोषक तत्व

मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक प्रबंधन किया जा सकता है।

मृदा स्वास्थ्य के मानक मानदंड

Parameter Unit Recommended Range
pH — 6.2-7.2
EC dS/m < 1
OC kg/acre 0.75-1.25
OC % 0.75-1.25
N kg/acre 113-182
P kg/acre 18-36
K kg/acre 60-138
Ca mg/kg > 300
Mg mg/kg 10-15
Na mg/kg —
Fe mg/kg 6-8
Mn mg/kg 1.2-2.5
Cu mg/kg 0.3-1.0
Zn mg/kg 0.5-1.0
B mg/kg > 0.5
S mg/kg 10-15
HA kg/acre 18-31
TM kg/acre < 150
Bacteria CFU/g > 450
Fungi CFU/g > 25
Actinomycetes CFU/g > 25

मृदा स्वास्थ्य सुधारने के 10 प्रभावी तरीके

  1. मृदा परीक्षण कराएं

कम से कम समय-समय पर मिट्टी की जांच कराएं और रिपोर्ट के आधार पर पोषक तत्वों का प्रबंधन करें।

  1. जैविक खाद का उपयोग करें

गोबर की सड़ी खाद, कम्पोस्ट और वर्मी कम्पोस्ट का उचित मात्रा में प्रयोग करें।

  1. फसल चक्र अपनाएं

एक ही फसल लगातार लगाने के बजाय अलग-अलग फसलों का फसल चक्र अपनाएं। उदाहरण:

  • गेहूं → मूंग → धान
  • आलू → मक्का → दलहनी फसल
  1. दलहनी फसलों को शामिल करें

चना, मटर, मूंग, उड़द और लोबिया जैसी दलहनी फसलें फसल प्रणाली में शामिल की जा सकती हैं।

  1. फसल अवशेष न जलाएं

फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाना या उचित तरीके से कम्पोस्ट बनाना अधिक उपयोगी है।

  1. संतुलित उर्वरक प्रयोग करें

केवल NPK पर निर्भर रहने के बजाय मिट्टी की आवश्यकता के अनुसार Macro + Secondary + Micronutrients का संतुलित उपयोग करें।

  1. जल प्रबंधन सुधारें

अत्यधिक सिंचाई से पोषक तत्वों का नुकसान और जलभराव हो सकता है। फसल की आवश्यकता के अनुसार सिंचाई करें।

  1. मल्चिंग अपनाएं

मल्चिंग से मिट्टी में नमी बनाए रखने, खरपतवार कम करने और तापमान को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

  1. न्यूनतम जुताई पर विचार करें

जहां फसल प्रणाली और मिट्टी की स्थिति अनुकूल हो, वहां अनावश्यक जुताई कम करने से मिट्टी की संरचना और जैविक गतिविधि को लाभ मिल सकता है।

  1. लाभकारी सूक्ष्मजीवों का उपयोग करें

फसल और मिट्टी की आवश्यकता के अनुसार Rhizobium, Azotobacter, PSB तथा अन्य उपयुक्त जैव उर्वरकों का प्रयोग किया जा सकता है।

स्वस्थ मिट्टी से किसान को क्या लाभ मिलता है?

स्वस्थ मिट्टी से:

  • जड़ों का बेहतर विकास
  • पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग
  • पानी की उपयोग दक्षता में सुधार
  • फसल की वृद्धि में सुधार
  • उत्पादन की स्थिरता में सहायता
  • मिट्टी की संरचना में सुधार
  • लाभकारी सूक्ष्मजीवों की गतिविधि में वृद्धि
  • लंबे समय तक भूमि की उत्पादकता बनाए रखने में सहायता

मृदा स्वास्थ्य खराब होने के प्रमुख संकेत

यदि खेत में निम्न समस्याएं दिखाई दें तो मिट्टी की जांच पर ध्यान देना चाहिए:

  • पौधों की कमजोर वृद्धि
  • पत्तियों का असामान्य पीला पड़ना
  • बार-बार पोषक तत्वों की कमी के लक्षण
  • मिट्टी का बहुत कठोर होना
  • पानी का लंबे समय तक जमा रहना
  • सिंचाई के बाद मिट्टी पर पपड़ी बनना
  • फसल उत्पादन में लगातार कमी
  • अत्यधिक लवणता/क्षारीयता की समस्या

इंस्टिट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी (IHT), ग्रेटर नोएडा, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है। ये कार्यक्रम किसानों, कृषि-उद्यमियों और छात्रों को मृदा परीक्षण, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, जैविक पदार्थ संवर्धन और टिकाऊ खेती पद्धतियों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इन प्रायोगिक प्रशिक्षण सत्रों में आप सीखते हैं कि मिट्टी की समस्याओं का निदान कैसे करें, मृदा परीक्षण रिपोर्ट का विश्लेषण कैसे करें और स्वस्थ फसल एवं अधिक उपज के लिए सुधारात्मक उपाय कैसे अपनाएं।

विवरण के लिए, www.iht.edu.in पर जाएं या

संपर्क करें:

टेलीफोन: +91-11-46604988

फोन: +91-8130997511

ईमेल: enquiry@iht.edu.in

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